movies 2020


फिल्मों के बारे में अकीरो कुरोसावा ने बड़ी अच्छी बात कही है। उन्होंने कहा कि फिल्म में सबकुछ होता है … पेंटिंग, साहित्य, थियेटर व संगीत आदि लेकिन फिल्म फिर भी फिल्म ही होती है।’

दरअसल कंप्यूटर के ‘स्लो’ होने के कारण खोजते खोजते पता चला कि हार्ड डिस्क लगभग भर चुकी है और सिस्टम की स्पीड को फिर चांके पर लाने के लिए जरूर है कि ‘स्पेस’ बनाया जाए। उसके लिए या तो बहुत सारी फिल्मों को डिलीट करना होगा या एक्सटर्नल डिस्क में डालना होगा। इसी काम और चर्चा में इस साल की दस शीर्ष फिल्मों पर बात करने का संवाज बन गया। इसी संवाज में अकीरा की किताब ‘समथिंग लाइक एन आटोबायोग्राफी’ को पलटा तो उक्त बात अंडरलाइन की मिली।

खैर, इस साल की दस पसंदीदा फिल्मों की बात की जाए तो ‘अनहिंज्ड’ से शुरू करते हैं। टिपिकल रसेल क्रो की फिल्म है। अब रसेल क्रो होंगे तो निश्चित रूप से फिल्म एक मानक से उपर ही होगी और ‘अनहिंज्ड’ निराश नहीं करती।

अब बात करते हैं ‘टेनेट’ की जो ‘लूपर’ और ‘इंस्पेशन’ श्रेणी की फिल्म है। फिल्म की एक और खासियत जॉन वाशिंगटन हैं। जॉन, डेंजल वाशिंगटन के बेटे हैं और यह उनकी पहली कमर्शियल फिल्म है। कई जगह, विशेषकर उनकी चाल ढाल में डेंजल की झलक भी आती है। हालांकि टेनेट कई जगह झोल खा जाती है। ‘द आउटपोस्ट’- अगर आपने पिछले साल ‘मोसूल’ देखी थी तो इस साल ‘द आउटपोस्ट’ जरूर देखें। उसी दर्जे की धूम धड़ाके वाली फिल्म है।

लेकिन इस बार जिन तीन फिल्मों ने सबसे अधिक प्रभावित किया वे हैं ‘अंडर वाटर’, ‘ब्रेकिंग सरफेस’ व ‘ड्यून ड्रिफ्टर’। तीनों फिल्मों में केंद्रीय भूमिका महिलाओं की है। ‘अंडरवाटर’ व ‘ब्रेकिंग सरफेस’ समुद्र की गहराइयों की फिल्म है तो ‘ड्यून ड्रिफ्टर’ अंतरिक्ष और दूसरे ग्रहों की बात करती है। अपनी अपनी तरह की अद्भुत फिल्में जो छाप छोड़ती हैं।

इस क्रम में अगर दस शीर्ष फिल्मों की सूची बनाई जाए तो अलग अलग कारणों से उसमें ब्लैक ब्यूटी, हाई ग्राउंड, इंट्यूशन व वेंडर को भी शामिल कर सकते हैं। चलिए फिल्मों और किताबों की बातें होती रहेंगी फिलहाल हालाते हाजरा पर सूर्यभानु गुप्त की यह बात सुनिए, कि…
कंघियां टूटती हैं शब्दों की
साधुओं की जटा है खामोशी
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