जिंदगी के उन अंधेरे कोनों में निराशाओं के जाले और हताशाओं की गिरती हुए पपड़ियां थीं. आंखों की सीलन इस कदर दीवारों में बैठ गई थी कि हर वक्‍त बदन ठिठुरता रहता. इन्‍हीं कोनों में, सुबहें धुंधलकों में खोईं और शामें हद दर्जे तक निराश करने वाली थीं. तब मौसमों की बात करना बेमानी हो गया था और इतिहास केवल उनका लिखा गया जो दिखते हुए, बोलते थे. बताते हैं कि मौन को एक सिरे से खारिज करने वाले ऐसे ही किसी चीखते समय में एमी वाइनहाउस ने लव इज ए लूजिंग गेम जैसे गीत गाये और जो बोल नहीं पाई उसे आत्‍महंता होने की हद तक गोदनों के रूप में अपने जिस्‍म पर गुदवा लिया.

जिंदगी के उन अंधेरे कोनों में सांसों की डोरियां और पतली होकर आपस में इतनी उलझ गईं थीं कि कोई सुलझाना तो दूर सुलझाने की सोच तक नहीं  पाया. टेबल के एक कोने में ऐशट्रे अधजली यादों की सिगरेटों से भरी थी और हवा में बेवफाई सा कड़वापन था. ऐसे ही अंधेरे उदास कोनों में छोटे होते दिनों ने हिसाब किया. हिसाब किया कि.. स्‍नेह जैसी कोई चिट्ठी उनके इस पते पर नहीं आई.. हां, आए तो अपेक्षाओं-उपेक्षाओं के भारी बेरंग (खत), जिनको छुड़वाने के लिए उन्‍हें अपनी कतरा कतरा उम्‍मीदें भी डाकिए को सौंपनी पड़ीं. थामने वाले से मांगने वाले हाथ ज्‍यादा थे. हौसला एक शब्‍द था जिसे दूसरी भाषा का बताकर खारिज कर दिया गया.

यानी बही खाते में घाटा था, घाटे का ब्‍यौरा था. लाभ के खाने में शून्‍य और कई शून्‍य थे.

बताते हैं कि उन्‍हीं दिनों रोशनी की सबसे बड़ी अदालत ने जिंदगी के उन अंधेरे कोनों को अतिक्रमण मानते हुए ढहाने का आदेश दिया. अदालत ने यह कदम स्‍वत संज्ञान से उठाया था. और इस खुशी में रातें इतनी रोईं कि उनकी आंखों का पानी आपके खेत की फसलों पर ओस के रूप में जम गया. शायद जब तक आप यह वाक्‍या (कहानी) पढ़ रहे हों, उम्‍मीदों के कारिदें उन कोनों को मिटा चुके होंगे जहां पड़े पियानो पर ग्‍लूमी संडे की धुन बजती रहती थी.

क्‍योंकि दिन आजकल मडोना के ला इसला बोनिता पर झूमते हैं.

इतिहास में दर्ज है कि यह गाना माइकल जैक्‍सन को गाना था लेकिन मडोना ने गाया और क्‍या गाया? उनके सबसे प्‍यारे गानों में से एक है. यह एक सुंदर द्वीप का सपना है, एक सुबह, सूरज और प्रेम का ख्‍वाब है. ठीक वैसा ही सपना जिसे सीलन और अंधेरे से भरे कोनों में बैठे दिनों ने निराशाओं के भंवर में भटकने से पहले देखा था. ये दिन लव इज ए लूजिंग गेम गाते हुए एमी की तरह आत्‍महंता हो जाएं इससे पहले उन्‍हें ला इसला बोनिता सुनाना जरूरी हो गया है.

ऐसा रोशनी की सबसे बड़ी अदालत के फैसले में लिखा गया था.

(आप गाना यहां सुन सकते हैं.)